ट्रेडिंग माइंड सेट का मामला है , सम्यक प्रयत्न से ट्रेडिंग बेहतर बनाई जा सकती है .
मई पिछले टिन चार साल से इस क्षेत्र में हूँ. मेरा विश्वास कीजिये , मैंने हर ट्रिक, हर रास्ता , हर जुगाड़ लगाया है . हर रणनीति को काम में लेकर देखा है , लेकिन स्थाई तौर पर मुझे ऐसा कुछ नहीं मिला , जिस्पा मै आँख मूंद कर भरोसा कर सकूं .
ये सब जीवन के हर हिस्से पर लागु होता है , हम हर जगह हाथ पैर मारते है , हम हर सम्भव प्रयत्न करते है लेकिन हंसिले जिन्दगी कुछ भी नहीं है .
बुद्ध से किसी ने पूछा कि , प्रयत्न करने से कई बार वो सब हांसिल क्यों नहीं होता जो हम वास्तविक तौर पर हांसिल करना चाहते है .
बुध ने कहा कि हांसिल तो हो जाता है , क्यूंकि प्रयत्न खाली नहीं जाता . लेकिन वो जो आप प्राप्त करना चाहते है , उसे हांसिल करने के लिए 'प्रयत्न' कही नहीं है है . आपको 'सम्यक प्रयत्न ' करने होंगे.
सम्यक प्रयत्न , यानि सही प्रयास . और ये सही प्रयास ही है , जो आपको रास्ता बताते है , आपको सही रस्ते पर लेकर जाते है .
अगर कोई अपनी गरीबी मिटने के लिए अपराध कर रहा है , तो उसे प्रयत्न करना तो कहेंगे लेकिन वो सही प्रयत्न नहीं है . सम्यक प्रयत्न से ही होगा .
ट्रेडिंग में प्रयत्न सब करते है , लेकिन फिर भी नब्बे प्रतिशत से अधिक लोग असफल रहते है , क्यूंकि प्रयत्न सम्यक नहीं है .
लाच , भय , अति उत्साह , कल्पनाये , ये सब अगर प्रयत्न से जुड़ जाते है , तो आपको वही हांसिल होगा जो लालच , डर और अति आत्म विश्वास के कारण हांसिल होता है . रास्ता तो है , प्रयत्न तो है , लेकिन परिणामो के साथ सम्यक परिणाम नहीं है .
मै रणनीतियो पर काम करता रहा , मैं अलग अलग तरीको से अपनी ट्रेडिंग को बेहतर बनाने का प्रयास करता रहा .
और फिर एक दिन , एक सप्ताह , एक महिना मेरा इस बात कि चिंता में ही गुजर गया कि मई आखिर क्यों सही रास्ता नहीं पकड़ पा रहा हूँ .
सही रास्ता वही है , जो कोम्प्लेक्स नहीं हो , सरल हो , सहज जो . वही रास्ता जीवन का रास्ता है , वही रास्ता ट्रेडिंग का रास्ता है .
मेरा माइंड सेट जब दुनिया भर के लाच और डर से उपर उठकर स्थिर होने लगा तो मुझे मालूम हुआ कि ,
मेरा रिस्क मुझे सेटल करना पड़ेगा , मेरा रिस्क मुझे फिक्स करना पड़ेगा . हर ट्रेड पर . हर रोज . निरंतर .
इससे मुझे एक एज मिलने लगा है .
अभ मै यह सोचने लगा हूँ कि अगर चार्ट पढने से ही मै प्रोफितेब्ल हो सकता था , तो यह मुझे बहुत समय पहले ही हो जाना चाहिए था .
चार्ट मुझे अधिक से अधिक पचास प्रतिशत दफा सही एंट्री देगा . लेकिन अगर दो प्रतिशत का मेरा रिस्क फिक्स है , तो लम्बे टर्म में मै यहाँ से पैसा बना सकता हूँ .
मैंने यही किया , बार बार , हर रोज ,, निरंतर .
और आज एक बाह के भीतर ही मैंने पे आउट्स निकलने शुरू कर दिए .
जहाँ कुछ फिक्स नहीं है . यहाँ कुछ फिक्स नहीं है . कहीं पर भी कुछ फिक्स नहीं है . ये प्रकृति निरंतर बदल रही है . स्थाई तौर पर दिखने वाली चीजे भी निरंतर बदलाव की तरफ अग्रसर है .
ऐसे मैं मुझे अपने आप को फिक्स करके चीजो को दूर से देखने का श्रम करना होगा , यही सोचा मैंने .
मैंने अपना स्टॉप लोस प्रति ट्रेड फिक्स कर लिया है . दो परसेंट प्रति ट्रेड .
मैंने अपना टाइम फ्रेम फिक्स कर लिया है . चार घंटे पर ट्रेन्ड देखना , पन्द्रह मिनट की केंडल पर एंट्र करना .
मैंने अपना रिवार्ड फिक्स कर लिया है . एक रूपे के रिस्क पर दो से तीन रूपए रिवार्ड फिक्स कर लिया है .
हमे चीजो को फिक्स करना होता है .
यही माइंड सेट का मसला हल करने का तरीका है . माइंड सेट को ठीक करने के लिए आपको कुछ रास्ते बंद करने होंगे , कुछ रास्ते ठीक करने होंगे . कुछ रास्तो पर रोज चलना होगा .
आज की पोस्ट यही तक शुक्रिया .
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