बदलाव के बीच ट्रेडिंग में टिके रहना , जीवन की तरह
चीजे बहुत तेज गति से बदलती है , यह सृष्टि का नियम है . यह प्रकृति का नियम है , बदलाव .
बदलाव हर अघ हो रहा है , आपके मेरे जीवन में , मार्किट में , प्राइस एक्शन में यही बदलाव हमे चार्ट पर दिखाई देता है .
फिर बदलावों , स्पाइक आदि के बीच में हम अपने मन को और अपनी ट्रेडिंग को कैसे स्थिर करे .
बदलाव के नियम को स्वीकार करने पर हम यह बात भी स्वीकार कर सकते है कि इस केओस के बीच एक शांति भी है , जो मन को निरंतर आगे की तरफ ले जा रही है , समय भी तो यहाँ आगे ही बढ़ रहा है .
ट्रेडिंग में यह सारा परिवर्तन हमे एक रुख देता है , जैसा कि जीवन में भी बदलाव हमे एक रुख देता है .
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मार्किट मेरे अनुमान के अनुसार नहीं चला , थोडा चला भी , लेकिन वापस मुड गया . लेकिन इसमें मै क्या कर सकता हूँ , यह सब मेरे हाथ में तो नहीं है , मार्किट की अपनी गति है , उसे बदलना मेरे लिए असम्भव है . तो फिर मैं ही अपने आप को बदल लेता हूँ , अपना रुख बदल लेता हूँ .
यही होता है हमेशा , प्राइस हमारी दिशा में नहीं जाता और हम निराश हताश हो कर बैठ गए .
ये जो स्टॉप लोस होते है , वो असल में अंदर तक गहरे घाव करते है , माइंड सेट को प्रभावित करते है .
यानी प्राइस तो उलटी दिशा में जा सकता है , हमेशा जायेगा , बिना भरोसे , लेकिन स्टॉप लोस परेशान कर देते है .
क्या किया जाना चाहिए इस स्तिथि में ,
नियम को स्वीकार कर लेते है .
''बदलाव नियम है ,''
फिर इस मार्किट में कैसे टिकेंगे , प्रॉफिट कैसे होंगे.
होंगे , उसका भी तो नियम है .
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